My Favourite Poet Essay in Hindi : हिंदी साहित्य में बहुत सारे महान कवि हुए हैं, जिनकी रचनाएँ हमें जीवन की सीख देती हैं। लेकिन मेरा प्रिय कवि गोस्वामी तुलसीदास जी हैं। जब मैं छोटा था, तो स्कूल में उनकी रामचरितमानस की चौपाइयाँ सुनकर मुझे बहुत अच्छा लगता था। उनकी कविताएँ इतनी सरल और मीठी हैं कि लगता है जैसे कोई दादाजी हमें कहानी सुना रहे हों। इस निबंध में मैं बताऊँगा कि तुलसीदास जी क्यों मेरे सबसे प्रिय कवि हैं, उनके जीवन के बारे में और उनकी रचनाओं से मुझे क्या प्रेरणा मिलती है। मेरा प्रिय कवि हिंदी निबंध लिखते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है, क्योंकि यह मेरे दिल की बात है।
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तुलसीदास जी का जन्म सन् 1532 में उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के राजापुर गाँव में हुआ था। उनका बचपन बहुत कठिन था। लोग कहते हैं कि वे अनाथ थे और उनका नाम रामबोला रखा गया। लेकिन भगवान राम की कृपा से उन्होंने ज्ञान प्राप्त किया। उनकी शादी रत्नावली नाम की लड़की से हुई, लेकिन एक दिन पत्नी के कहने पर उन्होंने संसार छोड़ दिया और राम भक्ति में लग गए। मुझे यह सोचकर दुख होता है कि उन्होंने कितनी मुश्किलें झेलीं, लेकिन फिर भी उन्होंने कभी हार नहीं मानी। वे बनारस में रहकर राम की भक्ति करते थे और लोगों को अच्छाई का रास्ता दिखाते थे। तुलसीदास जी ने अपना पूरा जीवन राम की सेवा में बिताया और 1623 में इस दुनिया से चले गए। उनकी उम्र 126 साल की थी, जो मुझे आश्चर्यजनक लगती है।
तुलसीदास जी की रचनाएँ हिंदी साहित्य की अमूल्य धरोहर हैं। उनकी सबसे प्रसिद्ध रचना रामचरितमानस है, जो भगवान राम की पूरी जीवन गाथा को अवधी भाषा में बताती है। इसमें राम के जन्म से लेकर रावण का वध और सीता जी का वापस आना, सब कुछ इतनी सुंदर तरीके से लिखा है कि पढ़ते हुए लगता है जैसे हम खुद वहाँ मौजूद हैं। मुझे याद है, जब मैं कक्षा 5 में था, तो दीवाली पर घर में रामचरितमानस का पाठ होता था। उस समय “रघुपति राघव राजा राम” जैसे भजन सुनकर मेरा मन शांत हो जाता था। उनकी अन्य रचनाएँ जैसे विनयपत्रिका, गीतावली और कवितावली भी बहुत सुंदर हैं। विनयपत्रिका में उन्होंने माँ सीता से प्रार्थना की है, जो इतनी भावुक है कि पढ़ते हुए आँखें नम हो जाती हैं। तुलसीदास जी की कविताएँ सरल शब्दों में हैं, कोई जटिल संस्कृत नहीं, इसलिए छोटे बच्चे भी आसानी से समझ सकते हैं।
तुलसीदास जी मुझे इसलिए प्रिय हैं क्योंकि उनकी रचनाएँ सिर्फ कविता नहीं, बल्कि जीवन की सीख हैं। वे बताते हैं कि भक्ति से सब कुछ संभव है। जब मैं उदास होता हूँ, तो उनकी चौपाइयाँ पढ़ता हूँ, जैसे “तुलसी भरोसे राम के, निर्भय हो के सोए”। यह पढ़कर मुझे लगता है कि भगवान हमेशा साथ हैं, डरने की कोई जरूरत नहीं। उनकी कविताओं में मानवीय भावनाएँ भरी पड़ी हैं – प्रेम, दुख, खुशी और समर्पण। मुझे लगता है जैसे वे मेरे दिल की बात कह रहे हों। स्कूल में जब निबंध प्रतियोगिता होती है, तो मैं हमेशा तुलसीदास जी पर ही लिखता हूँ, क्योंकि वे मुझे प्रेरित करते हैं कि अच्छाई का रास्ता चुनो। आज के समय में, जब सब भाग-दौड़ में लगे हैं, उनकी रचनाएँ हमें याद दिलाती हैं कि सच्ची खुशी भक्ति में है।
अंत में, मैं कहना चाहता हूँ कि गोस्वामी तुलसीदास जी हिंदी के सबसे महान कवि हैं। उनके बिना हिंदी साहित्य अधूरा है। मेरा प्रिय कवि हिंदी निबंध लिखकर मुझे एहसास हुआ कि उनकी रचनाएँ न सिर्फ पढ़ने के लिए हैं, बल्कि जीने के लिए हैं। अगर आप भी उनकी कविताएँ पढ़ें, तो जरूर पसंद आएंगी। तुलसीदास जी जैसे कवि हमें सिखाते हैं कि जीवन में प्यार और भक्ति से बड़ा कुछ नहीं। उम्मीद है, यह निबंध आपको भी अच्छा लगेगा।
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