Yadi Mai Lekhak Hota Nibandh: कभी-कभी जब मैं अपनी कॉपी के आखिरी पन्नों पर कुछ लिखता हूँ, तो मन में एक प्यारा सा ख्याल आता है यदि मैं लेखक होता निबंध लिखना कितना मज़ेदार होता! मुझे शब्दों से खेलना अच्छा लगता है। छोटी-छोटी बातें, जो हम रोज़ देखते हैं, उन्हें कहानी बनाकर लिखना मुझे बहुत अच्छा लगता है। अगर मैं लेखक होता, तो मैं ऐसी कहानियाँ लिखता जिन्हें पढ़कर हर बच्चा मुस्कुराए और कुछ अच्छा सीखे।
मुझे याद है, एक दिन बारिश हो रही थी। स्कूल की छुट्टी हो गई थी और मैं घर आकर खिड़की के पास बैठ गया। बाहर पेड़ों से पानी टपक रहा था। तभी मैंने सोचा, क्यों न मैं इस बारिश को एक कहानी बना दूँ। मैंने लिखा कि बादल आपस में बातें कर रहे हैं और धरती को खुश करने आए हैं। जब मैंने अपनी यह छोटी-सी कहानी मम्मी को सुनाई, तो उन्होंने मुस्कुराकर कहा, “तुम अच्छे लेखक बन सकते हो।” उस दिन मुझे बहुत खुशी हुई। अगर मैं लेखक होता, तो मैं ऐसे ही साधारण पलों को खास बना देता।
मेरे दादा जी हर रात सोने से पहले मुझे कहानियाँ सुनाते हैं। उनकी कहानियों में हमेशा कोई सीख होती है। एक बार उन्होंने एक छोटे कुत्ते की कहानी सुनाई, जो भूखा था, लेकिन उसने अपना खाना एक और छोटे जानवर के साथ बाँट लिया। दादा जी ने कहा, “बेटा, सच्ची खुशी बाँटने में है।” अगर मैं लेखक होता, तो मैं भी ऐसी ही प्यारी और सीख देने वाली कहानियाँ लिखता, जिसमें जानवर भी बोलते हों और हमें कुछ अच्छा सिखाते हों।
मेरे स्कूल में एक दिन “कहानी लेखन प्रतियोगिता” हुई थी। मैंने अपने दोस्त और एक खोए हुए पिल्ले की कहानी लिखी। उस कहानी में मैंने दिखाया कि कैसे मेरा दोस्त उस पिल्ले को घर ले गया, उसकी देखभाल की, और फिर उसके असली मालिक को ढूंढ लिया। जब मेरी कहानी को टीचर ने सबके सामने पढ़ा, तो मुझे बहुत गर्व हुआ। उस दिन मुझे लगा कि लिखना सिर्फ शब्दों को जोड़ना नहीं, बल्कि दिल की बात कहना है। अगर मैं लेखक होता, तो मैं बच्चों के लिए ऐसी कहानियाँ लिखता जो उन्हें दयालु और समझदार बनाएँ।
मुझे अपने आसपास की हर छोटी चीज़ में कहानी दिखाई देती है। कभी स्कूल का मैदान, कभी दोस्तों की शरारतें, तो कभी मम्मी की रसोई की खुशबू—सब कुछ एक कहानी बन सकता है। अगर मैं लेखक होता, तो मैं इन सबको अपनी किताब में सजा देता। मेरी किताब पढ़कर बच्चों को लगे कि यह तो उनकी अपनी ही कहानी है।
Yadi Mai Samaj Sevak Hota Nibandh: यदि मैं समाज सेवक होता निबंध
कभी-कभी मैं सोचता हूँ कि एक लेखक के पास एक जादू होता है। वह बिना कुछ दिखाए भी हमें बहुत कुछ दिखा देता है। वह हमें हँसाता है, रुलाता है और सोचने पर मजबूर करता है। यदि मैं लेखक होता निबंध लिखते समय मुझे लगता है कि लेखक बनना सिर्फ एक सपना नहीं, बल्कि एक सुंदर जिम्मेदारी भी है। हमें अपने शब्दों से लोगों के दिलों को छूना होता है।
अंत में, मैं यही कहना चाहता हूँ कि अगर मैं लेखक होता, तो मैं हमेशा सच, प्यार और अच्छाई की बातें लिखता। मैं ऐसी कहानियाँ लिखता जो बच्चों को अच्छे काम करने के लिए प्रेरित करें। मैं अभी छोटा हूँ, लेकिन रोज़ थोड़ा-थोड़ा लिखकर अपने इस सपने को पूरा करने की कोशिश कर रहा हूँ। मुझे विश्वास है कि एक दिन मेरे शब्द भी किसी के चेहरे पर मुस्कान लाएँगे। यही मेरे दिल की सबसे प्यारी इच्छा है।
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