Yadi Mere Pankh Hote Hindi Nibandh : कल्पना की दुनिया कितनी सुंदर होती है! अगर मेरे पंख होते तो मैं कितना खुश होता। मैं आसमान में उड़ता, बादलों को छूता और दुनिया की हर खूबसूरती को करीब से देखता। बच्चे अक्सर ऐसे सपने देखते हैं, जहां वे पक्षियों की तरह आजाद हो जाते हैं। इस निबंध में मैं बताऊंगा कि यदि मेरे पंख होते तो मैं क्या-क्या करता। यह विचार मुझे बहुत उत्साहित करता है, क्योंकि इसमें आजादी की भावना है, जो हर बच्चे के दिल में होती है।
सबसे पहले, अगर मेरे पंख होते तो मैं सुबह-सुबह उठकर उड़ान भरता। घर की छत से शुरू करके, मैं नदी के किनारे जाता। वहां पानी की लहरें देखकर कितना मजा आता! मैं पक्षियों के साथ उड़ता, उनके गीत सुनता और उनके साथ खेलता। कल्पना कीजिए, अगर मैं अपने दोस्तों को देखता जो स्कूल जा रहे होते, तो मैं उन्हें ऊपर से आवाज देता, “अरे, मैं यहां हूं!” वे मुझे देखकर हैरान हो जाते और हंसते। लेकिन अंदर से मुझे थोड़ी उदासी भी होती, क्योंकि मैं जानता हूं कि पंख होने पर भी मैं अपने परिवार से दूर नहीं रह सकता। परिवार की याद मुझे हमेशा नीचे खींचती।
फिर, मैं दूर-दूर की यात्रा करता। यदि मेरे पंख होते तो मैं पहाड़ों पर जाता, जहां बर्फ गिरती है। वहां की ठंडी हवा में उड़ना कितना रोमांचक होता! मैं हिमालय की चोटियों को छूता और सोचता कि दुनिया कितनी बड़ी है। रास्ते में अगर कोई गरीब बच्चा दिखता जो भूखा होता, तो मैं उसके लिए फल तोड़कर लाता। यह सोचकर मेरे दिल में दया की भावना आती है। क्योंकि पंख सिर्फ उड़ने के लिए नहीं, बल्कि दूसरों की मदद के लिए भी होते। मैं कल्पना करता हूं कि अगर मैं बीमार दादी को देखने दूर गांव जाता, तो कितनी जल्दी पहुंचता। यह विचार मुझे भावुक कर देता है, क्योंकि जीवन में परिवार और दोस्त ही सब कुछ हैं।
अब सोचिए, शाम के समय यदि मेरे पंख होते तो मैं सूरज ढलते देखता। आसमान में रंग बदलते हुए, लाल, नारंगी और गुलाबी। मैं चांद और तारों के बीच उड़ता, और रात की शांति महसूस करता। लेकिन कभी-कभी डर भी लगता। अगर कोई बड़ा पक्षी आ जाता या तेज हवा चलती, तो मैं डर जाता। यह मुझे सिखाता कि आजादी के साथ जिम्मेदारी भी आती है। मैं वापस घर लौटता और सोचता कि पंख अच्छे हैं, लेकिन पैरों से चलना भी मजेदार है। जमीन पर दोस्तों के साथ खेलना, स्कूल जाना और मां के हाथ का खाना खाना – ये सब भी जीवन का हिस्सा हैं।
अंत में, यदि मेरे पंख होते तो मेरा जीवन रोमांच से भरा होता, लेकिन मैं जानता हूं कि यह सिर्फ एक सपना है। असल जीवन में हमें मेहनत से आगे बढ़ना पड़ता है। फिर भी, ऐसे सपने हमें प्रेरित करते हैं। वे बताते हैं कि हमारी कल्पना कितनी शक्तिशाली है। अगर हम चाहें, तो बिना पंखों के भी ऊंचाइयों को छू सकते हैं। पढ़ाई करके, अच्छे काम करके और दूसरों की मदद करके। यह निबंध लिखते हुए मुझे लगा कि पंख न सही, लेकिन सपनों के पंख तो हर किसी के पास होते हैं।